Visheshan Kise Kahate Hain? विशेषण के कितने भेद होते हैं उदाहरण सहित

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आप में से बहुत सारे लोग हिंदी व्याकरण को अच्छी तरह से समझना चाहते होंगे। यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें हिंदी व्याकरण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि हिंदी व्याकरण के सबसे आधारभूत विषयों के बारे में बात करें तो उसमें विशेषण भी शामिल है। पिछले आर्टिकल में हमने आपको संज्ञा के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

अब इस आर्टिकल में हम आपको विशेषण किसे कहते हैं? | Visheshan Kise Kahate Hain | विशेषण की परिभाषा | Visheshan Ki Paribhasha | विशेषण क्या है? | Visheshan Kya Hai | विशेषण कितने प्रकार के होते हैं? | विशेषण के कितने भेद होते हैं? | Visheshan Ke Kitne Bhed Hote Hain इत्यादि से संबंधित विस्तार से जानकारी देंगे।

विशेषण किसे कहते हैं? | Visheshan Kise Kahate Hain | विशेषण की परिभाषा | Visheshan Ki Paribhasha | विशेषण क्या है? | Visheshan Kya Hai

विशेषण किसे कहते हैं? या विशेषण क्या है? को अच्छी तरह से समझने के लिए आपको विशेषण की परिभाषा जानना बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि किसी के द्वारा आप विशेषण की सटीक व्याख्या समझ सकते हैं। परिभाषा बताने के बाद हम आपको कुछ प्रमुख उदाहरणों के माध्यम से विशेषण को अच्छी तरह से समझाएंगे।

विशेषण की परिभाषा: “जब किसी बात के में कोई शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है तो वह विशेषण कहलाता है।” जैसे: अच्छा व्यक्ति, मीठी चॉकलेट, गंदा प्लेट, बेईमान व्यक्ति, नई पुस्तक, इत्यादि।

ऊपर बताए गए शब्दों में अच्छा, मीठी, गंदा, बेईमान और नई शब्द विशेषण हैं। क्योंकि यह सभी शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट करते हैं। ठीक इसी तरह से आप अन्य विशेषता प्रकट करने वाले शब्दों को भी समझ सकते हैं।

यदि आप विशेषण क्या है? के बारे में अच्छी तरह से समझ चुके हैं तो इस विषय में आपको यह भी जानना जरूरी है कि विशेष्य क्या होता है? क्योंकि यदि आप विशेषण के बारे में पढ़ रहे हैं तो आपको विशेष के बारे में भी जानना बहुत ही आवश्यक है। नीचे हम आपको विशेष्य की परिभाषा बताने जा रहे हैं और साथ ही साथ उदाहरण के जरिए भी हम इसको अच्छी तरह से समझाएंगे।

विशेष्य की परिभाषा: जब किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता बताई जाती है, तो उस संज्ञा या सर्वनाम को विशेष्य कहते हैं। जैसे: काला हिरण। इसमें हिरण विशेष्य है जबकि काला विशेषण है।

विशेषण के उदाहरण:

यदि आपको विशेषण और विशेष्य के बारे में जानकारी मिल गई है, तो अब आपको कुछ उदाहरणों के द्वारा विशेषण को अच्छी तरह से समझा देते हैं।

  1. सीता बहुत ही सुंदर लड़की है। (इस वाक्य में सुंदर शब्द विशेषण है क्योंकि यह सीता की विशेषता प्रकट कर रहा है।)
  2. वह बहुत बेईमान आदमी है। (इस वाक्य में बेईमान शब्द विशेषण है क्योंकि यह उस आदमी की विशेषता प्रकट कर रहा है।)
  3. विकास एक अच्छा बालक है। (इसमें अच्छा शब्द विशेषण है क्योंकि यह विकास की विशेषता को बता रहा है।)
  4. गंगा नदी दिन-प्रतिदिन गंदी होती जा रही है। (इस वाक्य में गंदी शब्द विशेषण है।)
  5. कक्षा में बीस छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। (इस वाक्य में आपको लग रहा होगा कि आखिर ऐसा कौन सा शब्द है जो किसी की विशेषता प्रकट कर रहा है। लेकिन आपको बता दें कि इस वाक्य में बीस शब्द विशेषण है।)
  6. एक लड़का स्कूल से आ रहा है। (इस वाक्य को पढ़ने के बाद भी आप कंफ्यूज हो गए होंगे कि आखिर इसमें विशेषण कौन सा है? तो आपको बता दें कि इस वाक्य में एक शब्द विशेषण है। )
  7. मुझे सवा दो किलोग्राम चीनी लेनी है। (यह वाक्य भी काफी कठिन है जिसमें विशेषण समझ में नहीं आ रहा है। लेकिन आपको बता दें कि इस वाक्य में सवा शब्द विशेषण है।)
  8. उस लाइन में खड़ा पहला आदमी बहुत ही खतरनाक है। (इस वाक्य में पहला शब्द विशेषण है।)
  9. राम तुमसे दोगुना अधिक नंबर लेकर आया है। (इस वाक्य में दोगुना शब्द विशेषण है।)
  10. मेरे सारे कपड़े गंदे हो गए हैं। (इस वाक्य में आपको गंदे शब्द विशेषण लग रहा होगा लेकिन ऐसा नहीं है। इसमें सारे शब्द विशेषण है।)

इनमें कुछ ऐसे भी उदाहरण होंगे, जिनके विशेषण को जानकर आपको समझ नहीं आया होगा। लेकिन जब हम आपको विशेषण के अलग-अलग प्रकारों के बारे में बताएंगे और उन्हें उदाहरण के द्वारा समझाएंगे तो आप इसको अच्छी तरह से समझ सकेंगे और आपके मन में उठ रहे सभी संदेह स्पष्ट हो जाएंगे।

विशेषण कितने प्रकार के होते हैं? | विशेषण के कितने भेद होते हैं? | Visheshan Ke Kitne Bhed Hote Hain

हालांकि बहुत सारी ऐसी जगह है जहां पर आपको विशेषण के चार प्रकारों के बारे में बताया जाएगा। लेकिन विशेषण मुख्यतः 5 प्रकार के होते हैं, जो निम्नलिखित हैं।

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. परिमाणवाचक विशेषण
  3. संख्यावाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण
  5. व्यक्तिवाचक विशेषण

नीचे हम आपको विशेषण के इन सभी प्रकारों की परिभाषा और उनके उदाहरण बताने जा रहे हैं।

गुणवाचक विशेषण:

जब किसी बात में कोई ऐसा शब्द आए जो संज्ञा या सर्वनाम का गुण, दोष, रंग, आकार, स्थानीय गुण, इत्यादि प्रकट करता वह तो उसे गुणवाचक विशेषण करते हैं। जैसे: अच्छा, बुरा, बुद्धिमान, चालाक, लंबा, गोल, गंदा, ईमानदार, बीमार, चोटिल, भारतीय, गुजराती, इत्यादि।

गुणवाचक विशेषण के उदाहरण: नीचे हम आपको कुछ वाक्यों के द्वारा गुणवाचक विशेषण का उदाहरण बताने जा रहे हैं।

  1. राम बहुत ही बुद्धिमान बालक है। (इस वाक्य में बुद्धिमान शब्द विशेषण है। क्योंकि यह राम की विशेषता बता रहा है।)
  2. श्याम बहुत लंबा है। (विशेषण: लम्बा)
  3. गेंद गोल है। (विशेषण: गोल)
  4. मेरी मां काफी बीमार है। (विशेषण: बीमार)
  5. वह एक भारतीय है। (विशेषण: भारतीय)
  6. दुर्घटना में वह व्यक्ति बहुत ही चोटिल हो गया है। (विशेषण: चोटिल)
  7. विकास बहुत ही दुष्ट आदमी है। (विशेषण: दुष्ट)
  8. श्याम एक गुजराती है। (विशेषण: गुजराती)
  9. वह बहुत ही बुरा आदमी है। (विशेषण: बुरा)
  10. मैंने आज नया मोबाइल खरीदा। (इस वाक्य में नया शब्द विशेषण है क्योंकि यह मोबाइल की विशेषता बता रहा है।)

परिमाणवाचक विशेषण:

जब किसी बात के में कोई ऐसा शब्द आए जो परिमाण का बोध प्रकट करता हो तो उसे परिमाणवाचक विशेषण कहा जाता है। या आप इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि जब किसी वाक्य में कोई नाप-तोल वाला शब्द आए तो वह परिमाणवाचक विशेषण को प्रकट करता है।, जैसे: थोड़ा दूध कम पानी, चार किलो चावल, इत्यादि। इन वाक्यों में थोड़ा, कम, चार किलो, इत्यादि परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण हैं। परिमाणवाचक विशेषण को भी दो भागों में बांटा जा सकता है- निश्चित परिमाणवाचक और अनिश्चित परिमाणवाचक।

निश्चित परिमाणवाचक विशेषण एक निश्चित परिमाण को दर्शाता है, जबकि अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण एक अनिश्चित परिमाण का बोध प्रकट करता है। नीचे हम आपको उदाहरण देकर इसको समझाने जा रहे हैं।

  1. मुझे दो किलो चावल चाहिए। इस वाक्य में दो किलो शब्द निश्चित परिमाणवाचक विशेषण है।
  2. मुझे शर्ट के लिए पांच मीटर कपड़ा की आवश्यकता है। इस वाक्य में पांच मीटर शब्द भी निश्चित परिमाणवाचक विशेषण है।
  3. कृपया मुझे थोड़ा पानी पिला दें। (इस वाक्य में थोड़ा पानी शब्द अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण है।)
  4. मुझे बहुत दूध पीना है। (इस वाक्य में भी बहुत दूध शब्द अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण है।)
  5. दो सेर गेहूं में मेरा महीना निकल जाएगा। (इस वाक्य में दो सेर शब्द निश्चित परिमाणवाचक विशेषण है।)

संख्यावाचक विशेषण:

यदि किसी वाक्य में कोई ऐसा शब्द आता है, जो संख्या का बोध कराता हो तो उसे संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे: एक लड़का, दो किताब, चार व्यक्ति, इत्यादि। इनमें एक, दो और 4 संख्यावाचक विशेषण हैं। संख्यावाचक विशेषण को भी निश्चित संख्यावाचक विशेषण और अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण के रूप में बांटा जा सकता है।

निश्चित संख्यावाचक विशेषण को 6 रूपों में बांटा जा सकता है: पूर्णांक बोधक, अपूर्णांक बोधक, क्रमवाचक, आवृत्ति वाचक, समूह वाचक और प्रत्येक बोधक।

उदाहरण के रूप में,

  1. मुझे आज 4 किताबें खरीदनी है। (इस वाक्य के चार शब्द निश्चित संख्यावाचक में पूर्णांक बोधक विशेषण को प्रदर्शित करता है।)
  2. आज मेरे बड़े भाई ने मुझे सवा सौ रुपए दिए। (इस वाक्य में सवा शब्द निश्चित संख्यावाचक में अपूर्णांक बोधक विशेषण है।)
  3. उस लाइन में खड़ा पहला व्यक्ति मेरे पास आए। (इस वाक्य में पहला शब्द निश्चित संख्यावाचक में क्रम वाचक विशेषण है।)
  4. वह व्यक्ति तुम से 2 गुना अधिक काम करता है। (इस वाक्य में दोगुना शब्द निश्चित संख्यावाचक में आवृत्ति वाचक विशेषण है।)
  5. उन तीनों को मारकर भगा दो। (इस वाक्य में तीनों शब्द निश्चित संख्यावाचक में समूह वाचक विशेषण को प्रदर्शित करता है।)
  6. नदी का उफान इतना अधिक था कि एक एक व्यक्ति उसमें डूब कर मर गया। (इस वाक्य में एक-एक शब्द निश्चित संख्यावाचक में प्रत्येक बोधक विशेषण है।)
  7. उस युद्ध में सैकड़ों सैनिक मारे गए। (इस वाक्य में सैंकड़ों शब्द अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण है।)
  8. मुझे लगभग 50 रूपए की आवश्यकता है। (इस वाक्य में लगभग शब्द अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण है।)
  9. इस पुस्तकालय में बहुत सारी पुस्तकें हैं। (इस वाक्य में सारी शब्द अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण को प्रदर्शित करता है।)
  10. उस आपदा में असंख्य लोगों की मृत्यु हो गई। (इस वाक्य में असंख्य शब्द अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण को प्रदर्शित करता है।)

सार्वनामिक विशेषण:

यदि किसी वाक्य में कोई ऐसा सर्वनाम शब्द संज्ञा शब्द से पहले आया हो और वह विशेषण की तरह संज्ञा की विशेषता बताता हो, तो वह सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है। जैसे: कोई लड़का, कौन व्यक्ति, वह आदमी, मेरा कुत्ता, इत्यादि। इनमें कोई, कौन, वह और मेरा शब्द सार्वनामिक विशेषण हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुरुषवाचक और निजवाचक सर्वनाम के अलावा अन्य सभी सर्वनाम यदि संज्ञा के पहले प्रयोग किए गए हो तो वह सार्वनामिक विशेषण होते हैं।

सार्वनामिक विशेषण को 4 भागों में बांटा जा सकता है।

  • निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण: यदि किसी वाक्य में ऐसे सर्वनाम का प्रयोग किया गया हो जो एक निश्चित संज्ञा को दर्शाते हो तो उसे निश्चयवाचक सर्वनाम विशेषण कहा जाता है। जैसे: यह मूर्ति काफी पुरानी है। (इस वाक्य में यह शब्द निश्चयवाचक सर्वनाम विशेषण है।)
  • अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण: यदि किसी वाक्य में ऐसे सर्वनाम का प्रयोग किया गया हो जो किसी निश्चित संज्ञा को नहीं दर्शाता हो तो वह अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण होता है। जैसे: कोई मूर्ति चोरी हो गई है। (इस वाक्य में कोई शब्द अनिश्चय वाचक सार्वनामिक विशेषण है।
  • प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण: यदि किसी वाक्य में संज्ञा से ठीक पहले प्रश्नवाचक सर्वनाम का प्रयोग किया गया हो तो वह प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण होता है। जैसे: कौन लोग कल वहां आ रहे हैं? (इस वाक्य में कौन शब्द प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण है।)
  • संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण: यदि किसी वक्त में संज्ञा से ठीक पहले किसी ऐसे सर्वनाम का इस्तेमाल किया गया हो जो संबंध को दर्शाता है तो उसे संबंधवाचक सर्वनाम एक विशेषण कहा जाता है। जैसे: जो पुस्तक तुम पढ़ रहे हो, उसमें बहुत जानकारी दी गई है। (इस वाक्य में जो शब्द संबंध वाचक सार्वनामिक विशेषण है।)

व्यक्तिवाचक विशेषण:

यदि किसी वाक्य में कोई ऐसा विशेषण शब्द दिया हो जो व्यक्ति वाचक संज्ञा से बना हुआ हो तो उसे व्यक्तिवाचक विशेषण कहा जाता है। जैसे: भोजपुरी, लखनवी, गुजराती, राजस्थानी, गाजीपुरी, गोरखपुरी, इत्यादि।

  1. मुझे भारतीय संस्कृति बहुत ही अधिक पसंद है। इस वाक्य में भारतीय शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा है। क्योंकि भारत व्यक्तिवाचक संज्ञा शब्द है, जो भारतीय के रूप में बदलकर व्यक्तिवाचक विशेषण हो गया है।
  2. जयपुरी रजाई बहुत ही अधिक चर्चित है। इस वाक्य में जयपुरी शब्द व्यक्तिवाचक विशेषण है, जो जयपुर की रजाईयों की विशेषता बता रहा है।
  3. लखनवी लोग अपने तहजीब के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। इस वाक्य में लखनवी शब्द व्यक्तिवाचक विशेषण हैं जो लखनऊ के लोगों की विशेषता बता रहा है।

निष्कर्ष (Conclusion):

इस आर्टिकल में हमने आपको विशेषण किसे कहते हैं? | Visheshan Kise Kahate Hain | विशेषण की परिभाषा | Visheshan Ki Paribhasha | विशेषण क्या है? | Visheshan Kya Hai | विशेषण कितने प्रकार के होते हैं? | विशेषण के कितने भेद होते हैं? | Visheshan Ke Kitne Bhed Hote Hain, इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। यदि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें और इस वेबसाइट को बुकमार्क करना ना भूलें।

 

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