Lal Kila History in Hindi: लाल किला कहां पर है और किसने बनवाया

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आप सभी लाल किला के बारे में शायद अच्छी तरह से जानते होंगे। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात से हर स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हैं। पुरानी दिल्ली में स्थित इस किले को यूनेस्को द्वारा साल 2007 में विश्व धरोहर स्थल के रूप में चयनित किया गया था।

लाल बलुआ पत्थर से निर्मित लाल किला को आजादी का प्रतीक भी माना जाता है, क्योंकि स्वतंत्रता प्राप्ति के ठीक पश्चात पंडित जवाहरलाल नेहरू ने यहीं पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया था। इस आर्टिकल में हम आपको LAL Kila Kaha Hai, LAL Kila History IN Hindi,  LAL Kila Kaha sthit Hai, दिल्ली का लाल किला किसने बनवाया,  के बारे में सभी प्रकार की जानकारी देने जा रहे हैं।

लाल किला कहां पर है? (Lal Kila Kahan Hai, Lal Kila Kahan Per Hai, Lal Kila Kahan Sthit Hai)

लाल किला भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है, जिसे भारत की शान भी माना जाता है। जिस जगह पर स्थित है उस क्षेत्र को पुरानी दिल्ली भी कहा जाता है। यह मुगल काल में बना था जो यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल भी किया गया है। लाल बलुआ पत्थर से निर्मित लाल किला को देखने के लिए देश दुनिया से लोग यहां आते हैं और इसकी स्थापत्य कला की प्रशंसा करते हैं। यदि आप यहां पहुंचना चाहते हैं तो इसका पूरा पता नीचे दिया गया है।

नेताजी सुभाष मार्ग, लाल किला, चांदनी चौक, नई दिल्ली, दिल्ली- 110006

दिल्ली का लाल किला किसने बनवाया (Delhi Ka Lal Kila Kisne Banwaya Tha?)

2007 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल की सूची में  शामिल किया गया दिल्ली का लाल किला मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा  बनवाया गया था।  लाल किला को बनाने का कार्य  1638 ईस्वी में शुरू किया गया था। इसे बनाने में  लगभग 10 साल लग गए और 1648 में यह भव्य किला बनकर तैयार हुआ। शाहजहां ने अपने शासनकाल में कई सारे ऐतिहासिक भवनों का निर्माण कराया। उनके शासनकाल में स्थापत्य कला का जितना विकास हुआ शायद अन्य किसी के शासनकाल में उतना विकास नहीं हो सका। दुनिया के सात अजूबों में शामिल आगरा का ताजमहल शाहजहां के शासनकाल में ही बनाया गया था।

लाल किला का इतिहास (Lal Kila History In Hindi)

भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित लाल किला का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने करवाया था। भारतीय और मुगल वास्तु शैली से बना यह ऐतिहासिक किला दिल्ली के बीचो-बीच यमुना नदी के तट पर बना हुआ है। यह तीन तरफ से यमुना नदी से घिरा है जो देखने में बेहद ही आकर्षक लगता है और यही देखने के लिए देश दुनिया से लोग इस जगह पर पहुंचते हैं

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शाहजहां ने अपने शासनकाल में जितने किले बनवाए थे, वह लाल किला को उससे कहीं अधिक बेहतर और आकर्षक बनाना चाहते थे। इसी के चलते उन्होंने अपनी राजधानी आगरा से स्थानांतरित करके दिल्ली कर दिया था।

शाहजहां ने 1638 ईस्वी में मुगल साम्राज्य की राजधानी आगरा से बदलकर दिल्ली कर दी थी। इसके तुरंत बाद से ही उन्होंने लाल किला के निर्माण का कार्य शुरू कराया और 10 सालों में यह भव्य और आकर्षक रूप में बनकर लोगों के सामने खड़ा हो गया।

लाल किला के डिजाइन को बनाने का काम प्रसिद्ध वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी को सौंपा गया था। लाहौरी ने ही आगरा में स्थित ताजमहल को डिजाइन किया था। उस समय उस्ताद अहमद लाहौरी देश दुनिया के सबसे बड़े वास्तुकला जानकारों में से एक थे और उनके पास किसी इमारत को आकर्षक एवं सुंदर बनाने के लिए डिजाइन बनाने की एक अद्भुत कला थी। यही कारण है कि लाल किला लगभग 475 सालों से वैसे ही आकर्षक और खूबसूरत दिखने के साथ-साथ टिका हुआ है।

आपको बता दें कि जब भारत की राजधानी दिल्ली में लाल किले का निर्माण हुआ तो इस शहर का नाम बदलकर शाहजहानाबाद कर दिया गया था। हालांकि वर्तमान समय में इसे दिल्ली नाम से ही जाना जाता है। शाहजहां की मृत्यु के पश्चात जब उनका बेटा औरंगजेब दिल्ली का शासक बना तो उसने इस किले में मोती मस्जिद का भी निर्माण करवाया। औरंगजेब इस्लाम धर्म का कट्टर अनुयाई था और इसीलिए उसने कई सारी मंदिरों को ध्वस्त करके मस्जिद बनवाए।

17 वीं शताब्दी में मुगल बादशाह शाहजहां अंदर शाह ने लाल किले पर कब्जा कर लिया और लगभग 30 सालों तक इसका शासक रहा। इसके बाद 17वीं शताब्दी में ईरान शासक नादिर शाह ने में इस पर कब्जा कर लिया और खूब लूटमार मचाई।

इस लूटमार में वह भारत से कोहिनूर हीरा भी छीन कर ईरान ले गया। 19वीं शताब्दी में अंग्रेजों ने लाल किले पर अपना कब्जा जमाया और उन्होंने ईरान से कोहिनूर हीरा लेकर इंग्लैंड पहुंचा दिया। 1947 में जब भारत को स्वतंत्रता मिली तब प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस पर तिरंगा फहरा कर राष्ट्र को संबोधित किया और तबसे पर स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्रियों द्वारा यहां तिरंगा फहराने और राष्ट्र को संबोधित करने की परंपरा चली आ रही है।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद लाल किले का इस्तेमाल सैन्य प्रशिक्षण के लिए किया जाता था और फिर बाद में यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरा। इसकी लोकप्रियता आकर्षण था और भव्यता देखकर यूनेस्को ने 2007 में इसे विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया।

दिल्ली के लाल किला प्रांगण में स्थित अन्य निर्माण:

दिल्ली के लाल किले के दीवारों में 2 मुख्य दरवाजे बनाए गए हैं, जिसे दिल्ली दरवाजा और लाहोरी दरवाजा के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा नक्करख़ाना संगीतज्ञों के लिए बनाए गए महल का मुख्य द्वार है। इसके अलावा लाल किला प्रांगण में दीवान-ए-आम, नहर-ए-बहिश्त, ज़नाना, खास महल, दीवान-ए-ख़ास, हमाम, मोती मस्जिद, हयात बख़्श बाग, इत्यादि निर्माण कार्य हुए हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोती मस्जिद मुगल बादशाह औरंगजेब की निजी मस्जिद थी। नहर ए बहिष्त के लिए यहां पर एक आयत लिखा है जिसका अर्थ है यदि पृथ्वी पर कहीं जन्नत है, तो वो यहीं है, यहीं है, यहीं है।

निष्कर्ष

दोस्तों हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से लाल किला कहां पर है / दिल्ली का लाल किला किसने बनवाया के बारे में जानकारी दी है। हमें उम्मीद है कि आप को इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद लाल किले के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो गई होगी।अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप हमें कमेंट करके अपनी राय अवश्य दें।और साथ में आप अगर ऐसी ही इंटरेस्टिंग टॉपिक पर और आर्टिकल पढ़ना चाहते हैं तो आप हमारे इस वेबसाइट को बुकमार्क अवश्य करें धन्यवाद।

 

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