हिंदी दिवस कब मनाया जाता है: हिंदी दिवस कब से मनाया जाता है

हिंदी दिवस कब होता है | हिंदी दिवस कब मनाया जाता है | हिंदी दिवस कब से मनाया जाता है

भारत में हिंदी भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या अधिक है। लेकिन इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया है। समय-समय पर हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की मांग की जाती है, लेकिन देश के अन्य राज्यों में अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोगों द्वारा इस पर आपत्ति जताई जाती है। भारत में हिंदी भाषा का वैश्विक स्तर पर प्रचार करने के लिए विश्व हिंदी दिवस और राजभाषा का दर्जा प्राप्त करने वाले दिन को हिन्दी दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको  बताएंगे कि हिंदी दिवस कब होता है, हिंदी दिवस कब मनाया जाता है, हिंदी दिवस कब से मनाया जाता है?

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हिंदी भाषा का क्या महत्व है?

हिंदी दिवस के बारे में जानने से पहले हिंदी भाषा का महत्व समझना बहुत ही जरूरी है। समय-समय पर कई सारे हिंदी कवियों ने हिंदी भाषा के महत्व को समझाने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं 1918 से ही हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की मांग की जाती रही है। प्रसिद्ध कवि भारतेंदु हरिश्चंद्र का मानना था कि हिंदी के बिना हिंदुस्तान की कल्पना करना मुश्किल है। इसीलिए उन्होंने “हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान” का नारा दिया था

भारत को आजादी मिलने के बाद कई सारे हिंदी कवियों एवं लेखकों ने दक्षिण भारत की यात्रा करके लोगों को हिंदी के प्रति जागरूक किया और साथ ही साथ इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के लिए कई प्रयास किए। इन कवियों एवं लेखकों में काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, रामचंद्र शुक्ल, हजारी प्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास और व्यौहार राजेन्द्र सिंह, इत्यादि शामिल थे।

हिंदी दिवस कब मनाया जाता है?

14 सितम्बर 1949 को हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा मिला था। इस दिन संविधान सभा में एकमत होकर सभी ने हिंदी को राजभाषा बनाने का समर्थन किया था। इतना ही नहीं इसी दिन व्यौहार राजेंद्र सिंह का 50 वां जन्मदिन था। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए काफी अधिक प्रयास किया था और इसके लिए उन्होंने कई साहित्यकारों के साथ दक्षिण भारत की यात्रा करके लोगों को समझाने का काम भी किया था। इसी को ध्यान में रखते हुए बाद में इस दिवस को हिंदी दिवस के रूप में घोषित किया गया था। अर्थात 14 सितंबर को हर वर्ष भारत में हिंदी दिवस मनाया जाता है।

हिंदी दिवस कब से मनाया जाता है?

भले ही 14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को भारत के राजभाषा का दर्जा दिया गया था। लेकिन इस दिवस को उस समय हिंदी दिवस के रूप में घोषित नहीं किया गया था। लेकिन हिंदी भाषा के विकास के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर 1953 में 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में घोषित किया। इसी साल पहली बार आधिकारिक रूप से हिंदी दिवस मनाया गया। अर्थात 14 सितंबर 1953 से हर वर्ष इस तारीख को हिंदी दिवस मनाया जाता है।

हिंदी दिवस मनाने का क्या उद्देश्य है?

भारत में हिंदी दिवस या राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है कि जब तक वह हिंदी भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे तब तक इसका विकास नहीं होगा। बाद में हिंदी भाषा का वैश्विक प्रचार करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन के वर्षगांठ के दिन 2006 में पहली बार विश्व हिंदी दिवस मनाया था।

हिंदी भारत की आधिकारिक भाषा कब बनी?

वैसे तो हिंदी को 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद ही आधिकारिक भाषा का दर्जा मिल गया था लेकिन 26 जनवरी 1965 से हिंदी भाषा को सही तरह से अधिकारिक भाषा बनाया गया और इसका प्रयोग सरकारी कामकाज में किया जाने लगा।

हिंदी को आधिकारिक भाषा कैसे बनाया गया?

संविधान लागू होने के साथ ही राजभाषा नीति लागू हुआ था। संविधान के अनुच्छेद 343 (1) में यह लिखा गया था कि भारत की राजभाषा हिंदी और इसकी लिपि देवनागरी है।

इतना ही नहीं इसमें यह भी लिखा गया था कि सरकारी कामकाज में हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा का भी प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन अनुच्छेद 343 (2) में यह लिखा है, कि संविधान लागू होने से 15 वर्षों तक सभी सरकारी कामकाज में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाएगा ताकि हिंदी न जानने वाले लोग हिन्दी सीख एवं समझ सकें।

अनुच्छेद 344 में यह लिखा गया है कि संविधान लागू होने के 5 वर्ष बाद और फिर 10 वर्ष बाद राष्ट्रपति द्वारा एक आयोग गठित किया जाएगा, जो संघ के कामकाज में हिंदी भाषा का आगे के समय में प्रयोग करने और अंग्रेजी भाषा के प्रयोग पर रोक लगाए जाने के संबंध में राष्ट्रपति को सिफारिश करेगा। इसी अनुच्छेद के खंड 4 में आयोग की सिफारिशों पर विचार करने के लिए 30 सदस्यों की एक संसदीय समिति के गठन की व्यवस्था के बारे में भी लिखा गया है। हालांकि अनुच्छेद 120 में संसदीय कार्यों को हिंदी में या अंग्रेजी भाषा में किए जाने का उल्लेख है।

26 जनवरी 1965 को 15 वर्ष पूरा होने के बाद अंग्रेजी भाषा को सरकारी कामकाज में प्रयोग से हटाया गया और इसी के साथ अनुच्छेद 334 (3) में संसद को 1965 के बाद भी सरकारी कामकाज में अंग्रेजी भाषा के प्रयोग को जारी रखने की व्यवस्था का अधिकार दिया गया। वर्तमान समय में अंग्रेजी और हिंदी दोनों ही भारत की आधिकारिक भाषा एवं राजभाषा हैं।

विश्व हिंदी दिवस कब मनाया जाता है?

वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा  का प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से हर साल 10 जनवरी को भारत में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।

प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन कब हुआ था?

विश्व भर में हिंदी भाषा का प्रचार करने के उद्देश्य से नागपुर में 10 जनवरी से 14 जनवरी 1975 तक पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने किया था। इस आयोजन समिति के अध्यक्ष तत्कालीन उपराष्ट्रपति श्री बी डी जत्ती थे। इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के तत्वाधान में हुआ था। प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन में 30 अलग-अलग देशों के 122 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।

प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का बोध वाक्य क्या था?

विश्व को हिंदी भाषा की सोच के बारे में बताने के लिए प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का बोध वाक्य वसुधैव कुटुंबकम रखा गया था। इसका अर्थ है “समस्त पृथ्वी अपना परिवार है।”

प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य क्या था?

प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन के आयोजन का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाना था ताकि वैश्विक रूप से इसकी पहचान मिल सके। इतना ही नहीं वर्धा में विश्व हिंदी विद्यापीठ की स्थापना की जाए ताकि देश-दुनिया से छात्र यहां आकर हिंदी के बारे में जान सकें और इस भाषा का वैश्विक रूप से फैलाव हो सके। इसके साथ ही साथ हिंदी भाषा का वैश्विक स्तर पर प्रचार करने के लिए नीतियां तैयार करना भी इस सम्मेलन के मुख्य उद्देश्यों में शामिल था।

विश्व हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है?

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया 10 जनवरी से 14 जनवरी 1975 तक नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसी वर्षगांठ को मनाने के लिए भारत में प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी सम्मेलन मनाया जाता है।

विश्व हिंदी दिवस कब से मनाया जाता है?

2006 में पहली बार भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह द्वारा विश्व हिंदी दिवस मनाया गया था। 10 जनवरी 2006 से हर वर्ष इस दिन को विश्व हिंदी दिवस के रुप में मनाया जाता है।

भारत के अलावा किन-किन देशों में विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जा चुका है?

1975 से लेकर अब तक भारत के अलावा मॉरीशस, यूके, त्रिनिदाद और टोबैगो, संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों में विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जा चुका है।

हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस के बीच क्या अंतर है?

बहुत सारे लोग ऐसा सोचते हैं कि जब पहले से हिंदी दिवस के लिए 14 सितंबर का दिन निर्धारित है तो फिर विश्व हिंदी दिवस के रूप में भारत द्वारा 10 जनवरी का दिन निर्धारित क्यों किया गया। दरअसल जिस दिन हिंदी दिवस मनाया जाता है उस दिन भारत को राजभाषा का दर्जा मिला था। इसी को ध्यान में रखते हुए 1953 में पहली बार 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में घोषित किया गया।

इसके अलावा 10 जनवरी को मनाया जाने वाला विश्व हिंदी दिवस एक प्रकार का शब्द सम्मेलन है। पहली बार 10 जनवरी 2006 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह द्वारा विश्व हिंदी दिवस मनाया गया था। विश्व हिंदी दिवस के दिन भारत में एक सम्मेलन आयोजित कराया जाता है जिसमें हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर रणनीति तैयार की जाती है और उससे संबंधित कई बातें समझाई एवं बताई जाती हैं।

निष्कर्ष:

बहुत सारे लोगों के मन में हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस के बीच संशय बना रहता है और उनके मन में कई प्रकार के सवाल घूमते रहते हैं। इस आर्टिकल में हमने हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस से संबंधित सभी सवालों का पूरा जवाब दिया है और उसके पीछे के उद्देश्य को भी अच्छी तरह से समझाया है। उम्मीद है आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह आर्टिकल बहुत ही पसंद आया होगा और आप इसे पढ़कर हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस के बारे में सब कुछ जान गए होंगे। इसी तरह के जानकारीवर्धक आर्टिकल्स को पढ़ने के लिए हमारे वेबसाइट को बुकमार्क करना ना भूलें।

 

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