हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करे | हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार

हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करे | हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए | हाई ब्लड प्रेशर कितना होता है | हाई ब्लड प्रेशर में कौन सा फल खाना चाहिए | हाई ब्लड प्रेशर में चाय पीना चाहिए या नहीं | हाई ब्लड प्रेशर में दही खाना चाहिए या नहीं | हाई ब्लड प्रेशर के नुकसान | हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार | हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए | हाई ब्लड प्रेशर के कारण | सिम्पटम्स ऑफ़ हाई ब्लड प्रेशर

बहुत सारे लोग हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित होते हैं। हाई ब्लड प्रेशर को सीरियस लेना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि इसके चलते लोगों की मौत तक हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह आर्टिकल बहुत ही काम आ सकता है। क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है?, mmHg क्या है?, हाई ब्लड प्रेशर कितना होता है?, हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करें?, ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए?

Contents

हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है?

ऐसी स्थिति जब धमनी की दीवारों के विरुद्ध ब्लड का प्रेशर बहुत अधिक होता है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं। इसे हाइपरटेंशन या धमनी उच्च रक्तचाप (Artery High Blood Pressure) भी कहा जाता है। इस स्थिति में दिल को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है। ब्लड प्रेशर में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक को मापते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर कितना होता है?

यदि आपके ब्लड प्रेशर का सिस्टोलिक 130 से 139 mm Hg और डायास्टोलिक 80-90 mm Hg से अधिक है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है। इसके साथ ही साथ यदि आपके ब्लड प्रेशर का सिस्टोलिक 180 mm Hg और डायास्टोलिक 120mm Hg के बराबर या उससे ऊपर है तो यह सबसे गंभीर माना जाता है, इस स्थिति में व्यक्त की मौत तक हो सकती है। आपको बता दें कि सिस्टोलिक 120 mm Hg और डायास्टोलिक 80 mm Hg तक समान्य ब्लड प्रेशर माना जाता है, जबकि सिस्टोलिक 90 mm Hg से कम और डायास्टोलिक 60 mm Hg से कम होने पर लो ब्लड प्रेशर माना जाता है।

ब्लड प्रेशर में mm Hg क्या है?

mm Hg का अर्थ millimetre(s) of mercury होता है। आपने देखा होगा कि ब्लड प्रेशर मापने वाले पुराने यंत्रों में एक स्केल बना होता था, जिसमें ब्लड प्रेशर मापने पर मर्करी ऊपर की ओर जाता या नीचे की ओर आता है। यह मर्करी जितने मिलीमीटर पर रहेगा उतना ही mm Hg होगा। जैसे यदि वह मर्करी 120 मिमी पर रुकता है तो उसे 120mm Hg कहा जाएगा।

हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करें / High blood pressure ko kaise control kare?

यदि आप हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको तुरंत उपाय अपनाना बहुत ही जरूरी है। नीचे हम आपको ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल करने का तरीका बताने जा रहे हैं।

  1. लेटकर लंबी सांस लें:

यदि आपका अचानक से ब्लड प्रेशर बढ़ने लगे तो तुरंत ही आपको आराम से लेट जाना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में घबराहट अधिक होने लगती है, इसीलिए लेटने के बाद पेट पर हाथ रखकर लंबी और गहरी सांस लेना शुरू कर दें। इससे घबराहट कम होगी और आपका ब्लड प्रेशर संतुलित होने लगेगा। थोड़ी ही देर में आप आराम महसूस करने लगेंगे।

  1. मरीज का ब्लड प्रेशर चेक करें और उसे सही रीडिंग न बताएं:

मरीज का ब्लड प्रेशर बढ़ने की स्थिति में आप तुरंत ही उसका ब्लड प्रेशर चेक करें और उसे सही रीडिंग न बताएं। क्योंकि यदि आप मरीज को सही रीडिंग बताएंगे तो उसे अधिक घबराहट होने लगेगी और चिंता बढ़ने लगेगी।

  1. धूप से बचें:

हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में मरीज का धूप से बचना उतना ही अधिक आवश्यक है। यदि हाई ब्लड प्रेशर का मरीज धूप में बैठता है तो उसकी स्थिति और भी अधिक बिगड़ सकती है।

  1. सादा पानी पिलाएं:

अचानक से ब्लड प्रेशर बढ़ने की स्थिति में मरीज को दो से तीन गिलास सादा पानी पिलाएं। ध्यान दें कि इस दौरान उसे कुछ भी खिलाने पिलाने के बारे में ना सोचे क्योंकि यह उल्टा असर कर सकता है।

  1. खुली हवा में बैठाएं या पंखा चला दें:

घबराहट की स्थिति में व्यक्ति को खुली हवा में बैठाना या बैठाना बहुत ही जरूरी होता है, ताकि उसे हवा लग सके और उसका घबराहट कम हो सके।

हाई ब्लड प्रेशर के कारण:

जब हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति से बचना चाहते हैं या उससे पहले से ही परहेज करना चाहते हैं तो आपके इसके कारण का पता होना बहुत ही आवश्यक है। इसीलिए नीचे हम आपको हाई ब्लड प्रेशर के कारण बताने जा रहे हैं।

  1. अस्वस्थ या खराब खानपान:

अस्वस्थ या खराब खान-पान भी हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन जाती है। इसीलिए आपको अपने खान-पान पर ध्यान देना बहुत ही आवश्यक है। अक्सर उम्र बढ़ने के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी शुरू हो जाती है।

  1. किडनी से सम्बंधित बीमारी:

यदि आपको किडनी से संबंधित कोई बीमारी है और इसके लिए आप दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो यह भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का कारण बन सकता है। इसीलिए यदि आप पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो डॉक्टर को इसके बारे में अवश्य बताएं।

  1. आलस भी हो सकता है हाई ब्लड प्रेशर का कारण:

बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जिनके अंदर आलस बहुत अधिक होता है। ऐसे लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अधिक दिखाई देती है।

  1. तापमान में उतार-चढ़ाव:

तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सर्दियों के मौसम में तापमान कम ज्यादा होता रहता है। यदि तापमान कम होता है तो नशे सिकुड़ जाती है और रक्त संचार में समस्या उत्पन्न होने लगती है, जिसके चलते हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है।

  1. मानसिक एवं शारीरिक तनाव:

मानसिक एवं शारीरिक तनाव की समस्या से जूझ रहे लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अधिक उत्पन्न होने लगती है। क्योंकि इन स्थितियों में रक्त के संचार पर असर पड़ता है और यह हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर के नुकसान:

  1. हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का खतरा उत्पन्न होता है।
  2. हाई ब्लड प्रेशर के चलते धमनियों में सूजन होने लगता है। इसके टूटने से मरीज की मौत तक हो सकती है।
  3. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को हार्ट फेल होने का खतरा बना रहता है।
  4. हाई ब्लड प्रेशर के चलते गुर्दे कमजोर हो जाते हैं और इसके चलते यह ठीक से काम नहीं करते हैं।
  5. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के आंखों की रोशनी कम होने लगती है और धीरे-धीरे यह पूरी तरह से खत्म हो सकती है।
  6. इससे मेटाबोलिक सिंड्रोम भी हो सकता है, जिसके चलते आपको मधुमेह और दिल संबंधित खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं।
  7. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को याददाश्त से संबंधित समस्याएं होने लगती हैं।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार:

यदि आप हाई ब्लड प्रेशर के समस्या से बचना चाहते हैं तो आपको इसके लक्षण और उपचार जानना बहुत ही आवश्यक है। इसीलिए नीचे हम आपको हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण (सिम्पटम्स ऑफ़ हाई ब्लड प्रेशर) और हाई ब्लड प्रेशर के उपचार बताने जा रहे हैं।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण | सिम्पटम्स ऑफ़ हाई ब्लड प्रेशर:

हालांकि बहुत सारे लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का पता भी नहीं चलता है क्योंकि इसके लक्षण बहुत ही सामान्य होते हैं। अक्सर जब व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी हो जाती है और वह उसके इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं तब जाकर यह पता चलता है कि मरीज को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है। नीचे हम आपको हाई ब्लड प्रेशर के कुछ सामान्य लक्षण (सिम्पटम्स ऑफ़ हाई ब्लड प्रेशर) बताने जा रहे हैं।

  • सिर दर्द की समस्या उत्पन्न होने लगती है
  • समय-समय घबराहट महसूस होने लगता है
  • कभी कभी नाक से खून बहने लगता है
  • सांस फूलने लगता है और सांस लेने में समस्या होने लगती है।
  • कभी-कभी चक्कर आने लगता है
  • समय-समय पर सीने में दर्द होने लगता है
  • कभी कभार मूत्र में खून आने लगता है

हाई ब्लड प्रेशर के उपचार:

हाई ब्लड प्रेशर का उपचार कराना चाहते हैं तो इसके लिए किसी डॉक्टर से संपर्क करना आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके साथ ही साथ कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर भी आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं। नीचे हम आपको हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू उपचार बताने जा रहे हैं।

  1. हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में आधा गिलास गुनगुना पानी लेकर उसमें एक चम्मच काली मिर्च पाउडर मिलाएं और इसे 2-2 घंटे के अंतराल में पीते रहें।
  2. एक गिलास पानी में आधा नींबू के रस को घोलकर 3-3 घंटे पर सेवन करते रहें।
  3. 5 तुलसी के पत्ते और 2 नीम के पत्ते को पीसकर उसका रस निकाल लें और उसे पानी में घोलकर सुबह खाली पेट पिएं।
  4. सुबह हरी घास पर नंगे पैर चलें।
  5. पालक और गाजर के जूस का सेवन करें।
  6. करेला और सहिजन के फलों का सेवन करें।
  7. ब्राउन राइस का सेवन करें।
  8. प्रतिदिन 3 ग्राम मेथीदाना का पानी के साथ सेवन करें।
  9. प्रतिदिन एक ग्राम टमाटर का जूस पिएं।
  10. चुकंदर और मूली को एक साथ मिलाकर उसका जूस निकालकर पिएं।

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हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए?

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को निम्नलिखित चीजें खाना चाहिए:

  1. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को केला, सेब, बेरीज, आम, कीवी, संतरा, तरबूज और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों का सेवन करना चाहिए।
  2. पालक,गोभी, बथुआ जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों और लौकी, तोरई, परवल, सहिजन, कद्दू, टिंडे जैसी सब्जियों अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।
  3. सब्जी में लहसुन और प्याज का अधिक से अधिक सेवन करें।
  4. मछली, सोयाबीन, साबुत अनाज, मछली और नट्स का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद साबित होता है।
  5. अधिक पोटेशियम वाले खाद्य पदार्थों जैसे शकरकंद, एवोकाडो, बीन्स, इत्यादि का सेवन करना चाहिए।
  6. भोजन में सरसों के तेल या रिफाइंड तेल की जगह सोयाबीन के तेल का सेवन करें।
  7. बाजरा, ज्वार, मूंग व अंकुरित दालों को सेवन करना फायदेमंद रहेगा।
  8. बादाम, मुनक्का, अजवायन व अदरक का सेवन करें।
  9. घी, गुड़, चीनी, शहद व मुरब्बा भी काफी फायदेमंद होता है।
  10. छाछ और बगैर वसा या मलाई वाले दूध का सेवन भी बहुत ही फायदेमंद साबित होगा।

हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए?

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को निम्नलिखित चीजें नहीं खाना चाहिए:

  1. चीनी और नमक का संतुलित सेवन कम करें।
  2. शराब का सेवन न करें।
  3. रेड मीट का सेवन कम करें। यदि हाई ब्लड प्रेशर के मरीज इसका अधिक सेवन करते हैं तो समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
  4. जिन खाद्य पदार्थों में फैट की अधिक मात्रा पाई जाती है उसका अधिक सेवन करने से परहेज करें। इसीलिए फुल क्रीम दूध, मक्खन और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से परहेज करें।
  5. अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करने से भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  6. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए कॉफी भी बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि इसमें कैफीन और चीनी की अधिक मात्रा पाई जाती है।
  7. पीनट बटर में सोडियम की अधिक मात्रा पाई जाती है, इसीलिए हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है।
  8. अधिक मात्रा में भोजन नहीं करना चाहिए।

हाई ब्लड प्रेशर में कौन सा फल खाना चाहिए?

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए पर्याप्त पोषक तत्व वाले फल खाना बहुत ही फायदेमंद होता है। केला, सेब, बेरीज, आम, कीवी, संतरा और तरबूज, स्ट्रॉबेरी, शकरकंद, इत्यादि फल हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत ही अधिक लाभकारी होता है। आप प्रतिदिन इन फलों का सेवन करके हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बच सकते हैं या उसे कंट्रोल कर सकते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर में चाय पीना चाहिए या नहीं?

यदि आप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपके लिए खाना खाने के बाद तुरंत चाय पीना बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। यदि आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और चाय पीना पसंद करते हैं तो खाना खाने के 2-3 घंटे बाद चाय पी सकते हैं। हालांकि आप चाय से जितना दूर रहेंगे, उतना ही यह आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

हाई ब्लड प्रेशर में दही खाना चाहिए या नहीं?

एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि प्राकृतिक कैल्शियम का सेवन करने से नसें गर्म होती है और इनके फैलाव में कम दाब लगता है। दही में कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। इसीलिए जो व्यक्ति प्रतिदिन एक कटोरी दही का सेवन करता है, उसमें हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की समस्या एक तिहाई कम हो जाती है। इसीलिए आप अपने खानपान में प्रतिदिन दही को भी शामिल करें।

 

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