Goldfish के बारे में सबकुछ: गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है?

कई बार आपसे प्रतियोगी परीक्षाओं में आपसे गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है? || Goldfish ka Scientific Naam Kya hai? प्रश्न पूछ दिया जाता है। इसीलिए इस आर्टिकल में हम आपको सुनहरी मछली का वैज्ञानिक नाम (Goldfish ka Scientific Name) बताते हुए Goldfish की प्रजाति, Goldfish किस जगह पर पाया जाता है, गोल्ड फिश का वैज्ञानिक वर्गीकरण, गोल्डफिश किस प्रकार के वातावरण में रहती है, Goldfish का आकार कैसा होता है, GoldFish कितने साल जिन्दा रहती है, GoldFish की बुद्धिमत्ता कैसी होती है, GoldFish कब प्रजनन करती है, गोल्डफिश के बारे में कुछ रोचक तथ्य और GoldFish की किस्में, गोल्डफिश की देखभाल, गोल्डफिश का उपचार, इत्यादि के बारे में जानकारी देंगे।

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गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है? || Goldfish ka Scientific Naam Kya hai?

अक्सर कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गोल्ड फिश का वैज्ञानिक नाम पूछा जाता है। इसीलिए कई सारे लोग इंटरनेट पर यह सर्च करते हैं कि Goldfish ka Scientific Naam kya hai? लेकिन बहुत ही कम जगहों पर उन्हें इसके बारे में सटीक जानकारी मिल पाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोल्ड फिश को हिंदी में सुनहरी मछली के नाम से भी जानते हैं। Goldfish का साइंटिफिक नाम Carassius Auratus है

हिंदी भाषा में बात की जाए तो गोल्डफिश या सुनहरी मछली का वैज्ञानिक नाम कैरासियस ऑराटस है। इसके अलावा गोल्डफिश को गोल्डन क्रूसियन कार्प के नाम से भी जाना जाता है। यह मछली कार्क परिवार का एक सदस्य है यह पूर्वी एशिया क्षेत्रों में सबसे अधिक पाया जाता है। लेकिन सबसे पहले इस मछली की खोज 17वीं शताब्दी में यूरोप में हुई थी।

गोल्ड फिश का वैज्ञानिक वर्गीकरण (Scientific Classification of Goldfish in Hindi):

  • गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है: कैरासियस औराटस (Carassius Auratus)
  • जाति: कैरासियस
  • रहने की जगह: मीठा पानी
  • मूल स्रोत: चीन
  • आकार: लगभग 20 सेमी या उससे अधिक
  • लंबाई: 45 सेमी तक
  • PH मान:5 से 8.5
  • वजन: अधिकतम 3 किलो तक
  • संभोग का समय: अप्रैल-मई
  • भोजन: शैवाल, लारवा, कीड़े आदि

गोल्डफिश किस प्रकार के वातावरण में रहती है? (Goldfish Living Environment?)

गोल्डफिश का स्वभाव काफी नरम होता है और यदि यह अपने अनुकूल परिस्थिति में रहे तो लगभग 40 वर्षों तक जिंदा रह सकती है। हालांकि मछली घरों में गोल्डफिश को 7 से 8 सालों तक जीवित रहते देखा गया है। गोल्ड फिश को भोजन देने से पहले यह ध्यान देना चाहिए कि वह उसे 3 से 4 मिनट के अंदर खत्म कर दे। इसके साथ ही साथ उसे दिन में मात्र दो बार भोजन कराना चाहिए। क्योंकि यदि उसे अधिक भोजन का सेवन कराया गया तो इससे उसके हाथों में समस्या उत्पन्न हो सकती है और उसकी मृत्यु भी हो सकती है। इसके अलावा गोल्डफिश को 18 से 26℃ तापमान वाले पानी में रखना उपयुक्त रहता है।

Goldfish का आकार कैसा होता है?

गोल्डफिश देखने में काफी आकर्षक एवं खूबसूरत दिखाई देती है, अक्सर बहुत सारे लोग इसे अपने घरों में सजावटी मछली के रूप में भी रखते हैं। इसके बनावट की बात करें तो इसका शरीर लंबा एवं पंख छोटे छोटे होते हैं। इनकी लंबाई लगभग 8 इंच की आस-पास होती है। भले ही इस मछली को गोल्डफिश के नाम से जाना जाता है लेकिन इसका शरीर काफी रंग-बिरंगा होता है जिसमें लाल, पीला, नीला, बैगनी, काला एवं सफेद रंग शामिल है।

गोल्डफिश कितने साल तक जिन्दा रहती है?

यदि गोल्डफिश को अनुकूल परिस्थिति में रखा जाए तो इसकी अधिकतम उम्र 40 वर्षों तक भी हो सकती है। हालांकि एक्वेरियम में यह 7 से 8 सालों तक जिंदा रहती है।

गोल्डफिश की बुद्धिमत्ता कैसी होती है?

गोल्डफिश की बुद्धिमता काफी अच्छी होती है और इसे अलग-अलग रंगों के संकेतों को पहचानने और उसके अनुसार प्रतिक्रिया करने के लिए ट्रेनिंग दी जा सकती है। यदि इसके स्मृति क्षमता की बात करें तो इसकी अवधि लगभग 3 महीनों की होती है। इतना ही नहीं गोल्डफिश अलग-अलग आकार रंग एवं आवाज को भी पहचान सकते हैं और उसके बीच अंतर को समझ सकते हैं। गोल्डफिश पर किए गए प्रयोगों के अनुसार यदि प्रतिदिन इसके साथ कोई एक ही प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाए तो यह उसे बड़े ही आसानी से समझ सकते हैं। जैसे यदि प्रतिदिन गोल्डफिश को एक ही समय पर भोजन दिया जाए और कुछ दिनों बाद उस समय पर भोजन ना मिले तो वह इस पर अपनी प्रतिक्रिया दिखा सकती है।

GoldFish कब प्रजनन करती हैं?

यदि गोल्डफिश को पर्याप्त पानी और सही पोषण मिले तो ही वह यौन संबंध बनाने के लिए परिपक्व हो सकती है। अक्सर गोल्डफिश को एक्वेरियम में कैद करके रखा जाता है इसीलिए वे कैद में ही प्रजनन कर लेती है। इतना ही नहीं यदि उन्हें किसी तालाब में रखा जाए तो भी वह प्रजनन कर सकती है। हालांकि ऐसी जगह जहां पर मछलियों की काफी अधिकता हो वहां पर उनके लिए प्रजनन करना काफी मुश्किल और लगभग असंभव होता है। गोल्ड फिश तापमान परिवर्तन के बाद वसंत ऋतु के समय प्रजनन करती है। यदि प्रजनन की प्रक्रिया के बारे में बात करें तो इसमें नर मछली मादा मछली का पीछा करता है और उसे धक्का मारकर अंडा छोड़ने के लिए उत्तेजित करता है।

आपको बता दें कि गोल्ड फिश के मादा मछली के अंडे चिपकने के गुण वाले होते हैं और इसीलिए यह जलीय वनस्पति विशेषकर घने पौधों के साथ चिपक जाते हैं। प्रजनन के बाद गोल्डफिश के अंडे को किसी दूसरे टैंक में रख देना चाहिए क्योंकि यदि वयस्क मछलियों से उसका सामना हुआ तो वह उसे खा जाएंगे। इतना ही नहीं गोल्डफिश का अंडा 48 घंटे से लेकर 72 घंटों के बीच छूट जाता है। इनके अंडे से निकले बच्चे (फ्राई) काफी छोटे होते हैं। इन्हें अपने आकार में पहुंचने तक लगभग 1 सप्ताह का समय लगता है। हालांकि इस मछली को गोल्डफिश के असली रंगों में ढलने में लगभग 1 साल काफी समय लग जाता है। इससे पहले के समय में वह भूरे रंग की दिखाई देती है।

जब किसी नए गोल्डफिश का जन्म होता है तो वह पहले सप्ताह में काफी जल्दी से विकसित होती है। यह समय उनके लिए काफी जोखिम भरा होता है क्योंकि उस टैंक, तालाब या वातावरण में रहने वाली वयस्क मछली उसे निगलकर अपना आहार बना लेती हैं। हालांकि बहुत सारी गोल्डफिश आकार में बदलाव के कारण प्राकृतिक रूप से प्रजनन नहीं कर पाती है। इसीलिए उन्हें कृत्रिम रूप से प्रजनन यानी “हैंड स्ट्रिपिंग” कराया जाता है। लेकिन यदि सही तरह से हैंड स्ट्रिपिंग नहीं कराया जाए तो इससे मछली को नुकसान भी पहुँच सकता है।

गोल्डफिश के बारे में कुछ रोचक तथ्य (Some Amazing Fact About Goldfish)

नीचे हम आपको गोल्डफिश के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं, जिसे शायद आप पहले से नहीं जानते होंगे।

  • गोल्ड फिश सबसे अधिक चीन में पाया जाता है। इतना ही नहीं इसे घर के दक्षिण या उत्तर दिशा में रखना भी काफी शुभ माना जाता है।
  • यदि दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड फिश के बारे में बात की जाए तो उसका आकार एक बिल्ली के समान था।
  • गोल्डफिश की सबसे खास बात यह है कि यह आंखें खोल कर सोती है।
  • यदि गोल्डफिश को 21 दिनों तक भोजन ना मिले तो भी वह जिंदा रह सकती है।
  • यदि गोल्डफिश को उपयुक्त वातावरण मिले तो वह लगभग 40 वर्षों तक जिंदा रह सकती है।
  • गोल्डफिश एक ऐसी मछली है जिसका दांत उसके गले के पीछे होता है।
  • गोल्ड फिश के बारे में सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इसका पेट नहीं होता है। इसीलिए बिना आहार के भी यह तीन हफ्तों से अधिक समय तक जिंदा रह सकती है। पेट में होने के बावजूद इन्हें शारीरिक पोषण देने के लिए भोजन या आहार दिया जाता है।
  • स्मृति के मामले में गोल्डफिश काफी तेज होते हैं। यह किसी भी घटना को 3 महीने तक याद रखने की क्षमता रखते हैं।
  • इंसानों के विपरीत गोल्डफिश अपने होंठ से ही किसी भोजन का स्वाद पता कर लेती है, जबकि इंसान जीभ से स्वाद का पता करता है।
  • गोल्डफिश बड़े ही आसानी से इंसानों को पहचान सकती है और उन पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकती है।
  • गोल्ड फिश के बारे में 1 रोचक तथ्य यह भी है कि यह अपने बच्चों को भी खा जाती है। इसके अलावा जो भी अन्य मछलियों की तरह दूसरी छोटी मछलियों को खाने का काम करती है।

गोल्डफिश की किस्में (Types of Goldfish):

आपको बता दें कि अलग-अलग जगहों पर गोल्डफिश की कई अलग-अलग किस्में पाई जाती है। इनमें से कुछ प्रमुख किस्मों की सूची नीचे दी जा रही है।

  • आम सुनहरी मछली
  • काले मूर
  • फैनटेल (पंखे नुमा पूंछ वाली)
  • बब्ल आई
  • दिव्य आंखें
  • धूमकेतु (कोमेट)
  • पोमपोम
  • रयुकिन
  • सिंह मस्तिष्क
  • ओरानडा
  • पर्लस्केल
  • शुबनकिन
  • रैनचु
  • पांडा मूर
  • दूरबीन आंख
  • वेलटेल
  • उल्का सुनहरी मछली
  • लायनचु
  • तितली पूंछ
  • घुमावदार गिल सुनहरी मछली
  • अंडा मछली सुनहरी
  • टोसाकिन
  • सफेद टेलीस्कोप
  • शुकिन (Shukin)
  • Tamasaba

गोल्डफिश की देखभाल कैसे करें?

यदि आप अपने घर में गोल्डफिश को रखना चाहते हैं तो इसकी अच्छी तरह से देखभाल करना काफी महत्वपूर्ण है। गोल्डफिश को रखने के लिए सबसे पहले आपको उसके रहने का स्थान बनाना होगा। इसके लिए आपको कांच का एक एक्वेरियम रखना होगा। यदि आप एक्वेरियम नहीं रखना चाहते हैं तो इसकी जगह पर काँच का एक बड़ा बाउल रख सकते हैं। इसके साथ ही साथ गोल्डफिश को उपयुक्त वातावरण देने के लिए समुद्र में पाई जाने वाली प्राकृतिक चीजें एक्वेरियम का बाउल में रखें। इस प्रकार की प्राकृतिक चीजों को खरीदने के लिए आप अपने नजदीकी फिश एक्वेरियम शॉप पर विजिट कर सकते हैं। इसके अलावा मछली के लिए चारा का अवश्य इंतजाम करें।

गोल्डफिश के लिए एक्वेरियम का चुनाव कैसे करें?

यदि आप गोल्डफिश के लिए एक वेरियम का चुनाव करना चाहते हैं तो हमारा यह सलाह है कि आप बड़े आकार का एक्वेरियम या बाउल रखें। क्योंकि आपका एक्वेरियम या बाउल जितने ही बड़े आकार का होगा आप की मछली उतने ही अधिक समय तक जिंदा रह सकती है। इसके साथ ही साथ मछली का आकार भी उसके एक्वेरियम के आकार पर निर्भर करता है। क्योंकि बड़ा एक्वेरियम रहने से उसे बड़ी जगह वाला वातावरण मिलता है।

एक्वेरियम में गोल्डफिश का आकार कितना हो सकता है?

यदि आप अपने घर में कोई छोटा एक्वेरियम रखते हैं तो गोल्डफिश का आकार लगभग 1 से 2 इंच होता है। इसके अलावा यदि आप बड़े आकार का एक्वेरियम रखते हैं तो इसका आकार 6 इंच तक भी बढ़ सकता है। इतना ही नहीं यदि आप तालाब में गोल्डफिश रखते हैं तो इसका आकार 14 इंच तक भी हो सकता है।

एक्वेरियम की साफ़-सफाई पर कैसे ध्यान दें?

यदि आप गोल्डफिश को उपयुक्त वातावरण देना चाहते हैं और उसे लंबे समय तक जिंदा रखना चाहते हैं तो आपको लगभग एक हफ्ते बाद एक्वेरियम की अच्छी तरह से साफ-सफाई कर देनी चाहिए। हालांकि साफ-सफाई करते समय आपको यह ध्यान देना जरूरी है कि आप एक्वेरियम में भरे पानी को पूरा न बदलकर 10 से 15% तक ही बदलें। क्योंकि पूरा पानी बदलने पर गोल्डफिश को उपयुक्त वातावरण मिलने में कठिनाई होती है।

Goldfish के लिए खाने की मात्रा क्या होनी चाहिए?

यदि आप अपने घर में गोल्डफिश रखते हैं तो आपको इसके आहार का भी पूरा ध्यान रखना होगा। इसके लिए आप गोल्डफिश के लिए फिश फूड खरीद सकते हैं और किसी जानकार दुकानदार और मछली पालक से इससे संबंधित सलाह भी ले सकते हैं। यदि आप गोल्डफिश को उपयुक्त भोजन देते हैं तो वह लंबे समय तक जिंदा रह सकती है। लेकिन यदि आप गोल्डफिश को औसत से अधिक भोजन देते हैं तो वह बीमार पड़ सकती है। इतना ही नहीं अधिक भोजन देने से उसके आँत में समस्या हो सकती है और उसकी मृत्यु भी हो सकती है।

गोल्डफिश का उपचार कैसे करें?

यदि आप गोल्डफिश को अपने घर में पाल रहे हैं तो आपको उसके व्यवहार को भी समझना काफी जरूरी है। क्योंकि मछली खुद से अपनी समस्या आपको नहीं बता सकेगी लेकिन यदि उसके नियमित व्यवहार में कोई परिवर्तन आए तो तुरंत Aquaculture Veterinarian से संपर्क करें और उसका उपचार कराएं।

निष्कर्ष (Conclusion):

उम्मीद है हमारे द्वारा लिखे गए इस आर्टिकल में आपको गोल्डफिश से संबंधित सभी प्रकार की जरूरी जानकारी मिल गई होगी और आप इस जानकारी का भविष्य में लाभ भी उठा सकेंगे। यदि आपको हमारे द्वारा लिखा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों एवं करीबियों के साथ शेयर जरूर करें। इतना ही नहीं इसी तरह की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे वेबसाइट को बुकमार्क अवश्य कर लें।

 

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