दुनिया के सात अजूबे कौन से हैं? दुनिया के सात अजूबे Name List

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दोस्तों, क्या आप दुनिया के सात अजूबों के नाम जानते हैं यदि नहीं तो आपके लिए हमारा यह पोस्ट काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। क्योंकि हम इस पोस्ट के माध्यम से आपके साथ विश्व के सात अजूबों के नाम और उस से सम्बंधित जानकारी साझा करने वाले हैं।

जानकारी के मुताबिक प्राचीनकाल से ही duniya ke saat ajoobe का चुनाव किया जा रहा है। लेकिन आज के पोस्ट में हम आपको दुनिया के सात अजूबों के नाम के साथ ही साथ उनके नाम भी बताएंगे जिनके मन में पहली बार अजूबे चुनने का ख्याल आया था।

आखिर सबसे पहले किस व्यक्ति के मन में अजूबों के नाम चयन करने का ख्याल आया था?

यह जानना हम सभी के लिए काफी दिलचस्प होने वाला है कि आखिर अजूबों के नाम चयन करने का ख्याल किसके मन में सबसे पहले आया था। तो एक रिपोर्ट के मुताबिक, तकरीबन 2200 वर्ष पहले हेरोडोट्स और कल्लिमचुस के मन में अजूबे के नाम चुनने का ख्याल आया था।

हेरोडोट्स और कल्लिमचुस इन्हीं दोनों व्यक्तियों के द्वारा सबसे पहले अजूबे चुनने का विचार किया था। यही नहीं आज हमारे सामने दुनिया के 7 अजूबों के जो लिस्ट है वो इन्हीं दोनों व्यक्तियों के द्वारा जारी किया गया था। तो चलिए जानते हैं इस लिस्ट के बारे में :-

दुनिया के सबसे पहली लिस्ट में शामिल हुए सात अजूबों के नाम कुछ इस प्रकार है:-

  1. टेम्पल ऑफ़ आर्टेमिस
  2. हैंगिंग गार्डन ऑफ़ बेबीलोन
  3. लाइटहाउस ऑफ़ अलेक्सान्दिरा
  4. ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गिज़ा
  5. कोलोसुस ऑफ़ रोडेज
  6. स्टेचू ऑफ़ ज़ीउस अट ओलम्पिया
  7. माउसोलस का मकबरा

मगर ऊपर में मैंने आपको जितने भी अजूबों के नाम बताए हैं उन सभी में से आज केवल ग्रेट पिरामिड ऑफ गीजा एकलौता बचा हुआ है बाकी के सभी नष्ट हो चुके हैं। जिसके पश्चात फिर से 7 अजूबों की लिस्ट तैयार करने के बारे में योजना बनाई गई।

कुछ उच्च इंजीनियर और शोधकर्ताओं के माध्यम से फिर से एक लिस्ट तैयार किया गया जिसमें दुनिया के सात अजूबों के नाम शामिल हैं। हालांकि, इस लिस्ट में दिए गए नामों के साथ पूरी दुनिया की सहमति नहीं प्राप्त हुई है।

विश्व के 7 अजूबे की List का चुनाव आखिर किस Process के द्वारा किया गया है?

विश्व के उन सातों अजूबों के नाम जानने से पहले हमें यह जानना जरूरी होता है कि आखिर किस आधार पर दुनिया के सातों अजूबों के नाम का चुनाव किया गया है। वर्ष 1999 में फिर से विश्व के सात अजूबों के नाम का चुनाव करने का फैसला किया गया था। इन नामों का चयन प्रोसेस की पहल स्विट्जरलैंड के द्वारा किया गया था।

यही वजह है कि इसके लिए एक फाउंडेशन निर्माण किया गया था। जिसके अंतर्गत इस फाउंडेशन की साइट निर्माण किया गया। जिसके पश्चात ही एक List तैयार किया गया, जिसमें विश्व भर के तकरीबन 200 अजूबों के नाम शामिल हैं। फिर फोन और इंटरनेट के माध्यम से एक पोल प्रोसेस की शुरुआत की गई।

यही नहीं चौका देने वाली बात तो यह है कि इस पोल में मोबाइल और इंटरनेट के द्वारा तकरीबन 100 मिलियन व्यक्तियों ने अपनी राय वोट के द्वारा दिया। वोटिंग की प्रक्रिया भी काफी समय तक यू ही चलती गई। जिसके बाद हमारा इंतजार साल 2007 में खत्म हुआ और एक नया लिस्ट जारी किया गया जिसमें दुनिया के कुल 7 अजूबों के नाम शामिल हैं।

आखिर वर्ष 2007 में जारी किए गए दुनिया के 7 अजूबे की लिस्ट में कौन-कौन से नाम शामिल हैं?

तो चलिए दोस्तों बगैर वक्त गंवाए जानते हैं कि आखिर वर्ष 2007 में जारी किए गए दुनिया के सात अजूबों की लिस्ट में कौन-कौन से नाम शामिल हैं :-

  1. ताजमहल
  2. पेट्रा
  3. चीन की दीवार
  4. क्राइस्ट रिडीमर
  5. कोलोज़ीयम
  6. चिचेन इत्जा
  7. माचू पिच्चु

1 . Taj Mahal :- ताजमहल ( आगरा, भारत )

आपने ताजमहल का नाम तो सुना ही होगा या हम ये कह सकते हैं कि आज के समय में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसने ताजमहल के नाम नहीं सुना होगा। जी हां वर्तमान समय में बच्चा बच्चा ताजमहल का नाम जनता है इसका कारण है इसकी सुंदरता। जी हां ताजमहल एक ऐसा खूबसूरत इमारत है जिसकी चमक और लोकप्रियता की वजह से वो विश्व के सात अजूबों के लिस्ट में पहले नंबर पर है।

जैसा कि हम जानते हैं कि मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज के यादों में ताजमहल जैसी खूबसूरत इमारत को खरा कर दिया। साल 1632 में ताजमहल जैसी इमारत का निर्माण किया गया था। ताजमहल जैसी खूबसूरत इमारत को सफेद संगममर के पत्थरों से निर्माण किया गया है। देश विदेशों से भारत में ज्यादातर लोग ताजमहल जैसी खूबसूरत इमारत को देखने के लिए आते हैं।

सफेद संगममर के पत्थरों से निर्माण किया गया इस ताजमहल के चारों ओर बगीचा और सामने में ही एक पानी के झड़ने की बारी है। यदि हम समय की बात करें, तो इस ताजमहल को निर्माण करने में तकरीबन 15 वर्षो का वक्त लगा था। मुगल बादशाह शाहजहां ने इस इमारत के निर्माण करने वाले सभी मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे ताकि फिर से कोई ताजमहल जैसा खूबसूरत इमारत निर्माण न हो सकें। यही नहीं प्यार की निशाना के नाम से भी हम ताजमहल को पुकारते हैं।

2 . Petra :- पेट्रा ( Jordan )

जानकारी के मुताबिक, मआन प्रांत की एक ऐतिहासिक नगरी है जो साउथ जॉर्डन में बसा हुआ है। बड़ी बड़ी चट्टानों और इमारतों के लिए पेट्रा काफी प्रसिद्ध माना जाता है। पेट्रा एक ऐसा ऐतिहासिक नगरी माना जाता है जिसमे आपको बेहतर से बेहतर एक पत्थर से तराशी इमारत देखने को प्राप्त होती है।

एक सर्वे के अनुसार तकरीबन 1200 वर्ष पहले इस पेट्रा का निर्माण किया गया था। यूनेस्को ने पैट्रा को भी दुनिया धरोदर का पोस्ट दिया गया है। आज के समय में देश विदेशों से लोग इस नगरी की खूबसूरत, कलाकारी और इमारतें को देखने के लिए आते हैं। यही वजह है कि दुनिया के सात अजूबों के लिस्ट में दूसरे नंबर पर पेट्रा है।

3 . Great Wall of China :- चीन की दीवार ( China )

यदि हम तीसरे स्थान की बात करें, तो दुनिया के 7 अजूबों के लिस्ट में तीसरे नंबर पर Great Wall of China का नाम शामिल हैं। इसे चीन के दीवार के नाम से जाना जाता है। दुनिया भर में चीन की यह दीवार काफी ज्यादा विशाल और प्रचलित है। चीन की दीवार का निर्माण हमलों से अपनी सुरक्षा को मद्दे नजर रखते हुए किया गया था।

खास बात तो यह है कि चीन की इस दीवार को चीन के अलग अलग क्षेत्रों के शासकों ने साथ मिलकर निर्माण किया था। सबसे चौका देने वाली बात तो यह है कि यह दीवार दुनिया के सबसे बड़ी दीवार साबित हुई है। कहने का तात्पर्य यह है कि इतनी बड़ी और विशाल दीवार दुनिया भर में कही भी नहीं है।

एक सर्वे के मुताबिक इस दीवार के बारे में यह भी कहा जाता है कि चीन की इस दीवार को अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। यह दीवार इतनी बड़ी है की यह पूर्व से पश्चिम चीन तक फैला हुआ है। यह भी कहा जाता है कि लगभग 7वी शताब्दी से लेकर 16वी शताब्दी तक इस दीवार को निर्माण करने का कार्य चलता गया है। इस दीवार की ऊंचाई कम से कम 35 फीट है और यदि हम लंबाई की बात करें, तो इस दीवार की लंबाई लगभग 6400 किलोमीटर है।

लोगों की चर्चा करें, तो चीन के इस दीवार का निर्माण करने में कम से कम 20 से 30 लाख व्यक्तियों का पूरा जीवन लग गया फिर जाकर यह दीवार खड़ा हुआ। इस दीवार की चौड़ाई इतनी अधिक है की इसपर 10 से 15 लोग तो काफी सरलता से चल सकते हैं। यही वजह है कि चीन की दीवार आज दुनिया के सात अजूबों के लिस्ट में शामिल किया गया है।

4 . Christ The Redeemer :- क्राइस्ट दी रिडीमर ( Rio de Janeiro )

यदि हम क्राइस्ट दी रिडीमर की चर्चा करें, तो 2007 में जो सात अजूबों की लिस्ट तैयार किया गया था उसके चौथे स्थान पर क्राइस्ट दी रिडीमर है जो कि ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में है। यह विश्व की सबसे लंबी मूर्तियों से एक है और इसे एक ईशा मसीह की प्रतिमा माना जाता है। यदि हम आधार की चर्चा करें, तो यह एक ऐसी मूर्ति है जिसका आधार 31 फीट है।

जिसके अनुसार यह प्रतिमा 130 फीट लंबा है। अगर हम चौड़ाई की बात करें, तो इस कुर्ती की चौड़ाई 98 फीट है। लेकिन चौका देने वाली बात तो यह है कि इस मूर्ति का वेट तकरीबन 635 टन है। ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में स्थापित क्राइस्ट दी रिडीमर का निर्माण कार्य वर्ष 1922 में हुआ था। जिसके पूरे 9 वर्ष के कार्यकाल यानी कि 1931 में इस मूर्ति के निर्माण कार्य समाप्त हुआ।

क्राइस्ट दी रिडीमर रियो डी जेनेरियो जो कि 700 मीटर ऊंचा पहाड़ी है जहां पर इस मूर्ति की स्थापना किया गया था। दुनिया भर के जितने भी ईसाई धर्म के व्यक्ति है वो इस जगह पर इस मूर्ति का दर्शन करने के लिए अकसर आते जाते हैं। इस प्रतिमा को दुनिया भर की सबसे लंबी मूर्तियों में से एक माना जाता है।

5 . The Roman Colosseum :- कोलोजियम ( Rome )

कोलोजियम एक ऐसा अजूबा है जो की इटली देश में रोम नगर में स्थापित है। यह दुनिया का एक ऐसा विशाल स्टेडियम है जिसे देखकर आप चौक जायेंगे। जैसा कि हम जानते हैं कि पुराने जमाने में यहां जानवरो की लड़ाई, खेल कूद, उच्च कार्यक्रमों इत्यादि का आयोजन किया जाता था।

जानकारी के अनुसार, देखा जाए तो इस स्टेडियम का निर्माण कार्य 70वी शताब्दी या 72 शताब्दी में शुरुआत किया गया था। मगर इसका निर्माण 80वी शताब्दी में सम्राट टाइट्स के माध्यम से किया गया था। यह एक ऐसा विशाल स्टेडियम है जिसमें 50 हजार से 80 हजार लोग एक साथ इस स्टेडियम में मौजूद हो सकते हैं।

यह एक ऐसी स्टेडियम है जो पहले भी काफी खूबसूरत था और आज भी इसकी खूबसूरती उतनी ही कायम है। लेकिन भूकंप और कई नैचुरल आपदाओं की वजह से इस स्टेडियम को थोड़ा हानि पहुंची है। इस विशाल स्टेडियम को कांक्रीट और रेत से निर्माण किया गया है। तकरीबन 24 हजार वर्ग में फाइल्स हुआ है विश्व का यह सबसे बड़ा स्टेडियम। यही वजह है कि इस स्टेडियम का नाम विश्व के 7 अजूबों के लिस्ट में पांचवे स्थान पर मौजूद है।

6 . Chichen Itza :- चिचेन इत्ज़ा ( Yucatan Peninsula Mexico )

इसे मैक्सिको का सबसे पुराना और दुनिया का सबसे प्रचलित मंदिर माना जाता है। यही कारण है कि आज इस चिचेन इत्ज़ा नाम के मंदिर को दुनिया के 7 अजूबों के नाम के लिस्ट में शामिल हैं। यह दुनिया का एक ऐसा मंदिर है जिसे 600 ईशा पहले निर्माण किया गया था। यह मंदिर काफी खूबसूरत है और यही वजह है कि इस मंदिर को लोकप्रिय मंदिरों में से एक माना जाता है।

चिचेन इत्ज़ा एक ऐसा विशाल मंदिर है जो तकरीबन 5 किलोमीटर के दायरे में फैली हुई है। चिचेन इत्ज़ा की इस मंदिर की ऊंचाई की चर्चा करें, तो इस मंदिर की ऊंचाई तकरीबन 79 फीट है। इस मंदिर के ऊपर चढ़ने के लिए इस मंदिर की चारो तरफ सीढ़िया भी निर्माण की गई है जिसकी मदद से लोग ऊपर चढ़ते हैं।

देखा जाए तो एक सर्वे के मुताबिक इस मंदिर के हर तरफ 91 सीढियां निर्माण किए गए हैं। जिसके हिसाब से पूरे मंदिर के चारों तरह कुल मिलाकर 365 सीढियां निर्माण की गई है। आपके जानकारी के लिए बता दूं कि मैक्सिको का सबसे बड़ा शहर चिचेन है। जिसकी आबादी भी काफी ज्यादा है।

7 . Machu Picchu :-  माचू पिच्चु ( Peru )

जानकारी के मुताबिक, दक्षिण अमेरिका देश के पेरू में यह ऐतिहासिक स्थल मौजूद है। इस ऐतिहासिक स्थल को माचू पिच्चू के नाम से जानते हैं। यदि हम इसकी ऊंचाई की चर्चा करें तो यह समुद्र तल से तकरीबन 2430 मीटर ऊंचा है। चौका देने वाली बात तो यह है कि इतनी ऊंचाई होने के बावजूद यहां पर कई व्यक्ति रहा करते थे। इस बात को मानना काफी कठिन है लेकिन यह सत्य है। माचू पिच्चु के नाम को आज सातवे अजूबों के लिस्ट में 7वे स्थान पर पाया जाता है।

निष्कर्ष :-

उम्मीद है कि आपको हमारा यह लेख जिसमें पूरे 7 अजूबों के लिस्ट के बारे में जानकारी प्रदान किया गया है पसंद आया होगा। आज मैने आपको 7 अजूबे के बारे में जानकारी दिया है यह दुनिया के सबसे प्रसिद्ध इमारतें हैं।

 

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