संविधान क्या है? भारत का संविधान किसने लिखा और कब लागू हुआ?

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किसी भी देश को बेहतर ढंग से चलाने के लिए नियम एवं कानून की आवश्यकता पड़ती है। इसीलिए हर देश का अपना अलग अलग संविधान है, जिसमें नागरिकों के अधिकार, सरकार के अधिकार, सरकार एवं नागरिकों के कर्तव्य, इत्यादि कई चीजों के बारे में वर्णन किया गया होता है। भारत के संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इस आर्टिकल में हम आपको भारत के संविधान के बारे में सभी प्रकार की जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

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संविधान क्या है?

संविधान मूल सिद्धांतों का एक समुच्चय होता है, जिसके आधार पर कोई देश अधिशासित होता है। किसी भी देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक ऐसे दस्तावेज की आवश्यकता पड़ती है जिसमें नियम, कानून, अधिकारों एवं कर्तव्यों एवं सरकारी ढांचे का वर्णन किया गया हो और उसमें लिखे गए कानून देश के सभी नागरिकों के ऊपर समान रूप से लागू किया जाता हो। इसी को ध्यान में रखते हुए संविधान लिखा गया है। संविधान में लिखे गए नियमों के विरुद्ध काम करने वाले लोगों को असंवैधानिक कहा जाता है और उनके खिलाफ कार्यवाही की जाती है।

भारत का संविधान:

भारत का संविधान विश्व के किसी अन्य राष्ट्र के मुकाबले सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इसके 25 भागों में 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां दी गई है। 1950 के बाद संविधान में संशोधन के लिए संसद में 127 बार विधेयक पेश किए जा चुके हैं, लेकिन उसमें से 105 विधेयकों को ही मंजूरी मिल सकी है। अर्थात संविधान में अब तक 105 बार संशोधन किए जा चुके हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व का सबसे छोटा लिखित संविधान मोनाको का संविधान है।

संविधान के अनुसार भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य है। इसमें देश के नागरिकों को समान रूप से न्याय, समानता एवं स्वतंत्रता देने की बात लिखी गई है। इसके साथ ही साथ यह भाई-चारे को बढ़ाने और सबको समान रूप से एक साथ लेकर चलने की बात करता है। संविधान की मूल प्रति में प्रस्तावना में “पंथनिरपेक्ष” और “समाजवादी” और “अखंडता” शब्द नहीं लिखा गया था। इसे 1976 में 42वें संशोधन अधिनियम के द्वारा जोड़ा गया था।

भारत का संविधान कब लागू हुआ था?/ भारतीय संविधान कब लागू हुआ था?

। 26 नवंबर 1949 को डॉ भीमराव अंबेडकर ने डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारतीय संविधान सुपुर्द किया था और इस पर पंडित जवाहरलाल नेहरू सहित सभी 299 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे। भारत के संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था और 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को पूरे देश भर में लागू कर दिया गया।

संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सबसे पहले सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का सदस्य बनाया गया था, जिन्होंने 09 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता की थी। लेकिन आजादी मिलने के बाद भारत 2 हिस्सों में बंट गया और फिर 2 अलग अलग संविधान यानी भारत का संविधान और पाकिस्तान का संविधान में बंट गया। भारत को अपने देश के लिए यानी भारत का संविधान लिखना था। डॉ राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का पहला स्थायी अध्यक्ष बनाया गया। संविधान लिखने वाली सभा में कुल 299 सदस्य थे।

संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष कौन थे? – डॉ राजेंद्र प्रसाद

भारत का संविधान कितने पेज का है?

भारतीय संविधान की मूल प्रतिलिपि में 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां दी गई थीं। यह अंग्रेजी एवं हिंदी दोनों भाषाओं में कॉलीग्राफ्ड और हस्तलिखित था। हिंदी भाषा की मूलप्रति (पांडुलिपि) में भारत का संविधान 251 पेज का है, जिसका कुल वजन 3.75 किलोग्राम है।

भारत का संविधान किसने लिखा?

भारत के संविधान को इटैलिक शैली में दिल्ली के प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने खुद अपने हाथ से लिखा था। उन्होंने इसके लिए 303 निब होल्डर और 254 बोतल स्याही का प्रयोग किया था। संविधान लिखने के लिए हाथ से बने कागजों का इस्तेमाल किया गया था जो उस समय पुणे से मंगवाए गए थे। हालांकि आजादी के बाद 29 अगस्त 1947 को भारत का संविधान लिखने के लिए एक मसौदा समिति तैयार की गई थी, जिसका अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर को बनाया गया था।, इसीलिए अंबेडकर को संविधान का निर्माता माना जाता है।

भारत का संविधान किन-किन देशों से लिया गया है?

वैसे तो भारत के संविधान को बाबा साहब अंबेडकर द्वारा तैयार किया गया है और उसे प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने खुद अपने हाथों से लिखा है। लेकिन भारत के संविधान के कई अलग-अलग नियम एवं व्यवस्थाएं दस अलग-अलग देशों से ली गई हैं। नीचे हम आपको उन सभी 10 देशों द्वारा लिए गए नियमों एवं व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

  1. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA): संविधान की सर्वोच्चता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, राष्ट्रपति का निर्वाचन और महाभियोग, उपराष्ट्रपति, सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को हटाने की विधि, वित्तीय आपातकाल, मौलिक अधिकार, न्यायिक फैसलों पर पुनः विचार करने की व्यवस्था संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के संविधान से ली गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका का संविधान देश का सबसे पुराना संविधान है।
  2. ब्रिटेन: संसदीय शासन प्रणाली संसद के विशेषाधिकार, एकल नागरिकता, कानून बनाने की प्रक्रिया, कानून का शासन, मंत्रिमंडल प्रणाली, न्यायालयों के विशेषाधिकार और दोहरे सदन की व्यवस्था को ब्रिटेन के संविधान से लिया गया है।
  3. जर्मनी: आपातकाल के समय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था जर्मनी के संविधान से ली गई है।
  4. दक्षिण अफ्रीका: संविधान संशोधन की प्रक्रिया और राज्यसभा में सदस्यों की निर्वाचन प्रक्रिया की व्यवस्था दक्षिण अफ्रीका के संविधान से ली गई है।
  5. आयरलैंड: राज्य के नीति निर्देशक तत्व, राष्ट्रपति के निर्वाचक-मंडल और राष्ट्रपति द्वारा राज्य सभा में 12 सदस्यों को मनोनीत करने की व्यवस्था आयरलैंड के संविधान से ली गई है।
  6. ऑस्ट्रेलिया: प्रस्तावना की भाषा, समवर्ती सूची का प्रावधान, केंद्र एवं राज्य के बीच संबंध और शक्तियों का बंटवारा, व्यापार-वाणिज्य और संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की व्यवस्था ऑस्ट्रेलिया के संविधान से ली गई है।
  7. कनाडा: संघीय शासन व्यवस्था के प्रावधान, केंद्र के अधीन अतिविशिष्ट शक्तियां, केंद्र द्वारा राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति और राष्ट्रपति का सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श प्राप्त करने की व्यवस्था, यूनियन ऑफ स्टे्टस शब्द की अवधारणा को कनाडा के संविधान से लिया गया है।
  8. सोवियत संघ: मौलिक कर्तव्य, मूल कर्तव्य और प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की अवधारणा सोवियत संघ से ली गई है। अब सोवियत संघ का विघटन हो चुका है और इसका संविधान रूस का हो चुका है।
  9. जापान: विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया को जोड़कर संसदीय संप्रभुता और न्यायिक सर्वोच्चता की अवधारणा जापान के संविधान से ली गई है।
  10. फ्रांस: गणतंत्रात्मक और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता, बंधुता की अवधारणा फ्रांस के संविधान से ली गई है।

भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद अपने राज्यों को पंचायती राज के प्रारंभ करने का निर्देश देता है?

आपको बता दें कि महात्मा गांधी ने सबसे पहले भारत में ग्राम स्वराज की बात करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायती राज व्यवस्था को लागू करने की बात कही थी। भारत के संविधान का अनुच्छेद 40 अपने राज्यों को पंचायती राज के प्रारंभ करने का निर्देश देता है। यह भाग IV के तहत राज्य की नीति का एक निदेशक सिद्धांत भी है। बलवंत राय मेहता समिति ने नवंबर 1957 में अपने रिपोर्ट में ग्राम स्तर, मध्यवर्ती स्तर एवं ज़िला स्तर पर पंचायती राज व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया था।

इसके बाद 2 अक्टूबर 1959 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पं० नेहरू ने राजस्थान के नागौर जिले के बगधरी गांव में पहली बार पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई। 1993 में 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1993 पारित करके पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक मान्यता दी गई थी। इस संशोधन का पालन करने वाला सबसे पहला राज्य मध्यप्रदेश था। अब तक पंचायती राज व्यवस्था से सम्बंधित 4 समितियां- बलवंत राय मेहता समिति (1956-57), अशोक मेहता समिति (1977-78), जी० वी० के० राव समिति (1985), डॉ एल० एम० सिंघवी समिति (1986) बनाई जा चुकी हैं।

संविधान दिवस कब मनाया जाता है?

भारतीय गणराज्य का संविधान 26 नवंबर 1949 को पूरी तरह से तैयार हो गया था और इसी दिन डॉ भीमराव अंबेडकर ने संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारतीय संविधान की मूल प्रति सुपुर्द किया था और प्रसाद ने इस पर पहला हस्ताक्षर किया था। इसके बाद नेहरू और अन्य सदस्यों ने इस पर अपने हस्ताक्षर किए। इसके अलावा संविधान को अपने हाथ से लिखने वाले प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने भी इस पर अपना नाम लिखा और हस्ताक्षर किए।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना

भारतीय संविधान की प्रस्तावना पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा पेश किए गए उद्देश्य प्रस्ताव पर आधारित है। इस प्रस्तावना के अनुसार भारत को संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बताया गया है। इसके अलावा इसमें भारत के नागरिकों के लिए न्याय, स्वतंत्रता, समता के अधिकार और बंधुत्व की बात कही गई है। संविधान के मूल प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता जैसे शब्दों को शामिल नहीं किया गया था। बाद में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा इसमें इन शब्दों को सम्मिलित किया गया।

भारतीय संविधान संशोधन के बारे में किस अनुच्छेद में लिखा गया है?

भारतीय संविधान संशोधन के बारे में अनुच्छेद 368 में लिखा गया है। इस अनुच्छेद के अनुसार संविधान संशोधन की 2 प्रक्रिया (1. संसद के बहुमत द्वारा संशोधन और 2. संसद के बहुमत एवं राज्य विधानमंडलों के अनुमोदन से संशोधन) है।

संविधान संशोधन विधेयक कैसे पास होता है?

  1. संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा एवं राज्यसभा में अलग अलग अपने कुल बहुमत और उपस्थित एवं मतदान में भाग लेने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत मिलना आवश्यक है।
  2. इसके बाद उस विधेयक को राज्यों के कुल विधानमंडलों (विधान सभा + विधान परिषद) में से कम से कम आधा बहुमत मिलना चाहिए।
  3. इसके बाद राष्ट्रपति की अनुमति और उसके हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक संविधान का अंग बन जाता है।

संविधान में अब तक कुल कितने संशोधन किए जा चुके हैं?

संविधान संशोधन के लिए आवश्यक संसद में कुल 127 विधेयक पारित किए जा चुके हैं जिनमें 105 विधेयकों को मंजूरी मिल चुकी है। अन्तिम बार अगस्त 2021 में संविधान संशोधन किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्यों द्वारा सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) की पहचान करने की उनकी शक्ति को बहाल करना था। 102 वें संविधान संशोधन के बाद राज्यों ने ‘पिछड़े वर्गों’ की सूची में समुदायों को शामिल करने या बाहर करने की शक्ति खो दी थी। दरअसल मराठा आरक्षण के लिए उठ रही मांगों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किए गए फैसले को बदलने के लिए संसद में यह विधेयक लाया गया था।

पहला संविधान संशोधन कब हुआ था?

पहले संविधान संशोधन विधेयक को 10 मई 1951 को तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा संसद में पेश किया गया था। 18 जून 1951 को इस विधेयक को संसद द्वारा पास कर दिया गया था। पहले संविधान संशोधन में मौलिक अधिकारों में कुछ बदलाव किए गए और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार दिया गया।

विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान किस देश का है?

विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान भारत देश का संविधान है जो अंग्रेजी भाषा के 146385 शब्दों में लिखा है।

विश्व का सबसे छोटा लिखित संविधान किस देश का है?

विश्व का सबसे छोटा लिखित संविधान ‘मोनाको देश का संविधान’ है, जो 3,814 शब्दों में लिखा गया है। इसके अलावा दुनिया की किसी भी बड़ी सरकार का सबसे पुराना और सबसे छोटा लिखित संविधान ‘अमेरिका का संविधान’ है। यह संविधान अंग्रेजी भाषा के 4543 शब्दों में लिखा गया है।

पकिस्तान की संविधान का इतिहास:

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान का संविधान पहली बार 23 मार्च 1956 को मोहम्मद अली और उनकी सरकार द्वारा लागू किया गया था। वहां पर इस दिन को आज भी ‘पाकिस्तान दिवस’ के रूप में मनाया गया जाता है। लेकिन इसके बाद सरकार का तख्तापलट हो गया और फिर राष्ट्रपति अयूब खान के ने मोहम्मद शहाबुद्दीन की अध्यक्षता वाली 10 सदस्यों की एक समिति का गठन किया और फिर उनके द्वारा लिखा गया दूसरा संविधान 1 मार्च 1962 को लागू किया गया, जो 08 जून 1962 से प्रभाव में आया। इसके बाद जब 26 मार्च 1969 को पाकिस्तान में सैन्य शासन लगाया गया तब अयूब खान ने कमांडर इन चीफ जनरल आगा मोहम्मद याह्या खान को सत्ता सौंप दी।

जनरल आगा मोहम्मद याह्या खान को राष्ट्रपति बनने के बाद पश्चिम पाकिस्तान (वर्तमान पाकिस्तान) के लोगों की मांग पर आम चुनाव करने का आदेश दिया। इसके बाद संवैधानिक समिति का गठन किया गया और उन्होंने 10 अप्रैल 1973 को अपनी रिपोर्ट पेश की। उनके द्वारा पेश किए गए रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान देश का तीसरा संविधान 14 अगस्त 1973 को लागू किया गया था। तब से लेकर अब तक वहां पर इसी संविधान के अनुसार कार्य किए जा रहे हैं।

 

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