International Yoga Day: विश्व योग दिवस कब मनाया जाता है?

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है | योग दिवस कब मनाया जाता है | विश्व योग दिवस कब मनाया जाता है | राष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है

भारतीय योग परंपरा को विश्व स्तर पर लाने के लिए और संपूर्ण विश्व को स्वस्थ बनाने को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) की शुरुआत की गई। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र संघ में पहली बार इसके बारे में जिक्र किया था। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है, योग दिवस कब मनाया जाता है, विश्व योग दिवस कब मनाया जाता है, राष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है?

ब्रह्मांड के पहले योगी कौन थे?

आध्यात्मिक जीवन जीने वाले लोग योग का सहारा लेते हैं। इतना ही नहीं योग मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने का साधन माना जाता है। ब्रम्हांड के पहले योगी भगवान शिव थे जिन्हें आदियोगी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने सबसे पहले आम जनमानस को योग की शिक्षा देनी शुरू की थी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका जिक्र भी किया था।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) कब मनाया जाता है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) मनाया जाता है। शायद आपको मालूम होगा कि 21 जून को वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) का इतिहास:

संपूर्ण विश्व को स्वस्थ बनाने की पहल के रूप में 27 सितंबर 2014 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देते हुए योग का महत्व समझाया था और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) मनाने का प्रस्ताव रखा था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 21 जून 2015 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) मनाया गया था। इस दिन भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अलग-अलग जगहों पर लोगों ने एक साथ बैठकर योग किया। भारत में एक साथ बैठकर कई लोगों ने योग करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे गए इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र संघ में मात्र 90 दिनों के अंदर ही पारित कर दिया गया था। ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी दिवस के प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय में संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी 193 सदस्य देशों द्वारा बहुमत मिला हो। 11 दिसंबर 2014 को सभी सदस्य देशों द्वारा पूर्ण बहुमत से इस प्रस्ताव को पारित किया गया कि 21 जून को हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) के रुप में मनाया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) की उत्पत्ति कैसे हुई?

4 और 5 दिसंबर 2011 को लिस्बन, पुर्तगाल योग संघ, आर्ट ऑफ़ लिविंग फ़ाउण्डेशन और स्वामी विवेकानन्द योग विश्वविद्यालय , बैंगलौर के द्वारा संयुक्त रूप से ‘योग : विश्व शान्ति के लिए एक विज्ञान’ सम्मेलन का आयोजन किया गया था। हालांकि इससे 10 साल पहले जगत गुरू अमृत सूर्या नंद ने विश्व योग दिवस का विचार रखा था लेकिन पहली बार इतनी अधिक संख्या में भारतीय योग गुरूओं ने इस विचार का समर्थन किया था। इस सम्मेलन में भारतीय योग गुरू श्री श्री रविशंकर के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र संघ एवं यूनेस्को द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) या विश्व योग दिवस के रूप में घोषित करने के लिए सुझाव देने के लिए सभी के द्वारा हस्ताक्षर किया गया।

पहले कई सारे योग शिक्षक 21 जून के अलावा अलग अलग कारणों से अलग-अलग तिथियों पर भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) मनाने के पक्ष में थे। लेकिन दिसंबर 2011 में योग गुरू श्री श्री रविशंकर सहित कई योग गुरूओं ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) के रूप में घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के समक्ष सुझाव रखा।

हालांकि पहले संयुक्त राष्ट्र संघ में इस पर कोई खास विचार नहीं किया गया, लेकिन जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) बनाने का प्रस्ताव रखा तो इसे अमेरिका द्वारा भी मंजूरी मिल गई। फल स्वरुप संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी 193 सदस्य देशों द्वारा इस प्रस्ताव का समर्थन किया गया और मात्र 90 दिनों के अंदर ही 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) के रूप में मंजूरी मिली। इसके बाद 21 जून 2015 को संपूर्ण विश्व में पहली बार विश्व योग दिवस या अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) के लिए मंजूरी कब एवं कैसे मिली?

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) मनाने के प्रस्ताव रखते हुए कहा था कि, “यह तिथि उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है, जिसका दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में विशेष महत्व है। योग के दृष्टिकोण से, ग्रीष्म संक्रांति दक्षिणायन में संक्रमण का प्रतीक है। ग्रीष्म संक्रांति के बाद दूसरी पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है। कहा जाता है कि ब्रह्मांड के पहले योगी (आदि योगी) शिव ने इसी दिन मानव जाति को योग का ज्ञान देना शुरू किया था और वे पहले गुरू (आदि गुरू) बने थे।”

नरेंद्र मोदी के इस प्रस्ताव को सबसे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला द्वारा समर्थन मिला। इसके बाद विश्व के कई अलग-अलग देशों के नेताओं द्वारा भी इस प्रस्ताव को सहमति मिली। 11 दिसंबर 2014 को, भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस प्रस्ताव को पेश किया। इस प्रस्ताव को 177 सदस्य देशों का द्वारा बिना वोटिंग के ही इसका समर्थन किया गया था। यह पहली बार था जब इतनी बड़ी संख्या में संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देशों द्वारा किसी दिवस को मनाने के प्रस्ताव को समर्थन मिला था।

भारत में पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) कैसे मनाया गया?

भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) 21 जनवरी 2015 को मनाया गया था। लेकिन योग का इतिहास भारत से जुड़ा हुआ है और भारतीय प्रधानमंत्री ने ही इस दिन योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। इसीलिए भारत में पहले विश्व योग दिवस को काफी धूमधाम से मनाया गया और इसमें 84 अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था।

21 जून 2015 को आयुष मंत्रालय द्वारा राजपथ, नई दिल्ली में योग का विशेष इंतजाम किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 84 अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों सहित 39958 लोग शामिल हुए थे। विश्व में ऐसा पहली बार हुआ था जब इतने अधिक उपस्थिति के साथ योग की शिक्षा दी गई थी। इतना ही नहीं यह पहली बार हुआ था जब किसी योग कक्षा में 84 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। भारत में इस मामले में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया।

सिर्फ नई दिल्ली के राजपथ पर ही नहीं बल्कि देश के लगभग सभी शहरों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) को काफी धूमधाम से मनाया गया और अलग-अलग जगहों पर एक साथ योग किया गया। भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी अलग-अलग जगहों पर योग शिविर का आयोजन किया गया और पूरी दुनिया को योग की महत्वता के बारे में बताया गया और योग के प्रति जागरूकता फैलाई गई।

राष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है?

ऊपर हमने आपको अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) के बारे में जानकारी दी है। बहुत सारे लोग राष्ट्रीय योग दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) को लेकर संशय में रहते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अलग से राष्ट्रीय योग दिवस नहीं मनाया जाता है। अन्य देशों की तरह 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (विश्व योग दिवस) के दिन ही भारत में भी योग दिवस मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day For Yoga) को लेकर भारत में विवाद:

क्योंकि लोग को हिंदू धर्म के साथ जोड़कर देखा जाता है, इसीलिए मुस्लिम धर्म के लोगों द्वारा कुछ आसनों पर एतराज रहता है। योग के संदर्भ में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सूर्य नमस्कार को पंत विरुद्ध बताते हुए इसका विरोध किया था। इसलिए विवाद से बचने के लिए योग कार्यक्रमों में से सूर्य नमस्कार व श्लोक को जपने की अनिवार्यता को हटाते हुए  आयुष मंत्री श्रीपद नाईक ने मुसलमानों को यह सुझाव दिया कि वह श्लोक की जगह पर अल्लाह के नाम को भी पढ़ सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 (International Day For Yoga 2022) का विषय (Theme) क्या है?

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 (International Day For Yoga 2022) का विषय (Theme) कल्याण के लिए योग (Yoga For Well-Being) है।

निष्कर्ष:

ऊपर हमने आपको अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है,  विश्व योग दिवस कब मनाया जाता है, राष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है, और इससे संबंधित सभी प्रकार की जरूरी जानकारी प्रदान की है। उम्मीद है कि आपको इसके बारे में हर तरह की जानकारी मिल गई होगी यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों एवं करीबियों के साथ शेयर जरूर करें। इसी तरह के मजेदार आर्टिकल को पढ़ने के लिए हमारे वेबसाइट को बुकमार्क करना ना भूलें।

 

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